श्री शिवमहापुराण १

Apr 28, 2025 | Uncategorized

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श्री शिवमहापुराण १ – आज आपण प्रत्येक जण ऐकतो कि शिव महा पुराण श्रवण केले पाहिजे पण काळा नुसार आपणास ते शक्य होत नाही. पण मग आपण एक छोटासा पर्यन्त करत आहोत.. थोडक्यात कथा श्रवण करण्याचा प्रयत्न करूया.. यात सर्व काही येईल असे नाही पण आपली भक्ती नक्कीच वाढेल अशी प्रार्थना भगवान भोलेनाथाच्या चरणी करूया… श्री शिवमहापुराण एक पवित्र असा ग्रंथ आहे.. यात भगवान शंकरांच्या लीला, उपासना आणि तत्त्वज्ञान यांचे सुंदर वर्णन आहे.१८ महा पुराण आहेत त्यात श्री शिवमहापुराण हा ग्रंथ आहे. शिव महापुराण” या ग्रंथाचे मूळ रचनाकार महर्षी वेदव्यास (व्यासमुनी) आहेत. मूळ शिव महापुराण संस्कृतमध्ये आहे.त्याचे अनेक शिव भक्तांनी मराठीत अनुवाद केला आहे. शिव महापुराण १२ संहितांमध्ये आहे. यात एकूण २७००० श्लोक आहेत.
विद्येश्वर संहिता

रुद्र संहिता

शतरुद्र संहिता

कोटिरुद्र संहिता

उमासंहिता

कैलाससंहिता

वायवीय संहिता

लिंग संहिता

वर्ण संहिता

रुद्रयामल संहिता

दक्षणामूर्तिसंहिता

व्याससंहिता
वरील प्रत्येक संहिते मध्ये अध्याय आहेत..
आज आपण इथेच थांबूया श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
हे महादेवा आम्हाला आज जी काही सेवेची संधी दिली त्याबद्दल खूप खूप धन्यवाद.. अशीच अखंड श्री शिवमहापुराण सेवा करून घे हीच प्रार्थना.
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