स्मार्ट फोन से हम स्मार्ट बन गए.. सच में स्मार्ट फ़ोन की वजह हम अनेक यादे फोन में चित्रित कर सकते है… यह हमें मिला हुवा वरदान ही है… क्यूंकि १५ साल पहले फोटो निकले के लिए हमें फोटो स्टुडिओ जाना पड़ता था… आज हम जहाँ जायेंगे वहाँ फोटो निकाल सकते है.. वो फोटो निकालने के लिए किसी आदमी की भी जरूरत नहीं..इतना स्मार्ट हमारा फ़ोन बन गया…लेकिन सच में हम स्मार्ट बन गए है या मंद हो गए है.. फोटो कहाँ निकालने का यह बात का ख्याल भी हमारे मन में नहीं आता… रोड पर एक्सीडेंट हुवा हो… उस आदमी को मदत करने का छोड़ कर लोग उस मोबाइल से फोटो निकालते है… विडिओ शूटिंग करते है और एक दूसरे को भेजते…हम तो कहते है जो ये काम करता है उसको जिम्मेदार मानना चाहिए…कुछ लोग तो सेल्फी के इतने मोहताज है की किधर भी खड़े होकर सेल्फी निकालते है… वो लोग यह भी नहीं देखते की यह जगह सेल्फी निकालने के लिए सुरक्षित भी है की नहीं…आज हम इतनी घटनाएं सुनते है की सेल्फी की वजह से अपनी जान खोई है… फिर भी लोग कही भी सेल्फी निकालते है… फोटो निकालने से पहले चेहरा तो गभीर होता है जैसे सारी दुनिया का भार इसपर…सेल्फी में तो इस तरह हँसता है जैसे सदैव हसमुख हो…यानी हँसता भी कृत्रिम है… किसी धार्मिक स्थल पर जाने के बाद कुछ लोग तो इस तरह से फोटो सेशन करते है जैसे लोगों को दिखाने की लिए वहाँ गए हो… भगवान् को नमस्कार करते हुवे फोटो निकालते है और सोशल साइट्स पर डालते है… लोग भी जुठ मुठ के लाइक्स और कमैंट्स देते है… यानी भगवान् की पूजा भी दिखावटी करते है… ये तो हुवा फोटो का… कुछ लोग तो गाडी चलाते ..चलाते फोटो लेते है.. विडिओ निकालते है.. फोन पर बात करते करते गाडी चलाते है .. कुछ लोग तो मुंडी टेढ़ी कर करके फोन पर बात करते करते गाडी चलाते है.. जैसे लाखो करोडो की बात हो.. अरे ये लोग खुद तो अपनी जान जोखिम में डालते ही है लेकिन दुसरो की जान भी जखिम में डालते है.. जरा सोचो सचमे हम स्मार्ट फ़ोन से स्मार्ट हुवे है या स्मार्ट फ़ोन क वजह से पागल हो गए है.. अगर आप यह पागल पन नहीं करते होंगे तो बहोत बढ़िया बात है.. अगर आपसे यह गलती होती है.. तो जरूर इसके ऊपर चिंतन मनन करो.. और खुद में बदलाव लावो उसी तरह यह आपको सचमे कुछ सच्चाई लगती है तो जरूर हमारा चॅनेल सब्सक्राइब कीजिये और अपने मित्रों के साथ जरूर शेयर कीजिये
आपले स्वामी बोलतात.. “ अरे..!! मी संन्यासी आहे… माझ्याकडे पैसे वगैरे काही नाही… ! माझ्या अंगावर फक्त लंगोटी आहे…! तुला जर काही हवे असेल तर हि माती घे आणि निघ येथून… !! ”
स्वामी वाणी भाग २५ आपले स्वामी बोलतात.. “ अरे..!! मी संन्यासी आहे... माझ्याकडे पैसे वगैरे काही नाही... ! माझ्या अंगावर फक्त लंगोटी आहे...! तुला जर काही हवे असेल तर हि माती घे आणि निघ येथून... !! ” एक तेलंग जातीचा ब्राह्मण, कर्जबाजारी होऊन आणि पूर्वजन्मीच्या पातकांचे...