श्री गजानन महाराज चरित्र दर्शन २८ – संदर्भ – श्री गजानन विजय अध्याय ८

Sep 19, 2023 | मराठी, संत गजानन महाराज

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अरे या अध्यात्म विद्येला पोट भरण्याची विद्या बनवू नका

खंडू पाटीलांनी श्री महाराजांना विनंती करून आपल्या घरी राहण्यास नेले..एकेदिवशी खंडू पाटील यांच्या घरी काही कर्मठ ब्राह्मण आले.. त्यांना पैशाचा लोभ होता.. त्यावेळी श्री महाराज आराम करत होते.. हे कर्मठ ब्राम्हण मोठं मोठ्याने मंत्र म्हणू लागले जेणे करून श्री महाराज उठतील.. मंत्र म्हणत असताना ते अनेक चुका करत होते.. गजानन महाराज उठले आणि त्यांना म्हणाले अहो.. अरे या अध्यात्म विद्येला पोट भरण्याची विद्या बनवू नका.. अरे उगाचच भोळ्या भक्तांचा फायदा घेऊ नका.. महाराजांनी शुद्ध स्वरात मंत्र म्हणून दाखवले.. महाराजांचे मंत्र ऐकून त्या सर्वांना आश्चर्य वाटले.. त्यांना समजले कि महाराज हे कुणी साधारण व्यक्ती नसून.. विधातच आहेत.. हे सर्व जण महाराजांच्या चरणी नतमस्तक झाले.. महाराजांनी हि त्यांना आशीर्वाद दिला..महाराजानी खडूं पाटलांना त्या ब्राह्मणांना १-१ रुपये दक्षिणा देण्यास सांगितली.. त्यानंतर ते ब्राम्हण तिथून दुसऱ्या गावी निघून गेले.. बोला श्री गजानन महाराज कि जय .
बोध – अध्यात्म हे पोट भरण्याचे साधन नसून.. ती ईश्र्वराच्या जवळ जाण्याचा.. त्याची अभिव्यक्ती करण्याचे माध्यम आहे


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