मन निशंक कसे करावे

May 21, 2023 | प्रेरनादाई कथा, मराठी

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निशंक – स्वामी भक्त हो आपण तारक मंत्रात निशंक हा शब्द ऐकतो अनेकदा आपण म्हंटला आहे.. पण मग आपले मन नक्की निशंक झाले आहे का? छोटी मोठी समस्या आली कि आपले मन शंकां निर्माण करते का ? नक्कीच करते कारण आपले मन अजून निशंक झाले नाही आहे त्या मुळे हे होते.. या साठी सर्व प्रथम आपणस आपल्या मनाला कार्य दयावे लागेल.. स्वामी नाम सेवा करण्याचे कार्य आपणस मनाला देणे आवश्यक आहे.. पहा जेव्हा स्वामी नाम घेऊ आणि मनाला सांगू हे मना निशंक हो कारण स्वामी आपलय सोबत आहेत.. काही दिवसात आपल्या मनातील शंकेचे रूपांतरण श्रद्धेत होईल.. फक्त या साठी रोज मनाला स्वामी नामाचे टॉनिक दयावे.. धन्यवाद स्वामी.. कोटी कोटी धन्यवाद.. बोला श्री स्वामी समर्थ महाराज कि जय.. www.chetnakeswar.com


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डिजिटल दुनिया - आज का युग डिजिटल युग है .. हम सभी डिजिटल हो गए है ... एक समय था की हम एक दूसरे से  सवांद करने के लिए कई महीने- साल रुकना पड़ता था... क्यूंकि लोगों को एक गांव से दूसरे गांव संदेशा  देने के लिए  किसीको भेजना पड़ता था ..बाद में संदेशा  भेजने के लिए पत्रों...

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संकष्टी चतुर्थी  - गणेश भक्तोंका एक व्रत  है जिसे संकष्टी चतुर्थी  कहाँ  जाता है ! अनेक भक्त यह व्रत करते है ! इस व्रत के पीछे बहोत सी कथाये है ! अभी हम गणेश पुराण में जो कथा है वो यहाँ देखते है ! कृतवीर्य  नाम के राजा थे वे एक परिपूर्ण ऐसे राजा थे ! उनकी पत्नी का नाम...

भगवान् श्री गणेश जी की पूजा सर्वप्रथम क्यूँ की जाती है ?

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नवविधा भक्ति का दूसरा प्रकार कीर्तन भक्ति...सचमें कीर्तन करना भी भगवद भक्ति में आता है यह हमारे लिए कितनी आनंददाई बात है... कीर्तन भक्ति यानी ईश्वर के गुण, चरित्र, नाम, पराक्रम आदि का आनंद से सबके साथ कीर्तन करना... अब हम पहले भक्ति में श्रवण करते है... जो भी कुछ...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 6

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श्रवण भक्ति – नवविधा भक्ति

हमारी संस्कृति  में भक्ति के नौ प्रकार बताये गए है... इस प्रकार में सर्वप्रथम आती है श्रवण भक्ति... हर एक भक्ति पद्धति अलग अलग होती है... लेकिन श्रवण भक्ति सभी लोग जाने अनजाने में करते ही है...इसके बारे में श्री समर्थ रामदास स्वामी कहते है " प्रथम भजन ऐंसे जाण |...

स्मार्ट फ़ोन या सेल्फी फ़ोन

स्मार्ट फोन से हम  स्मार्ट बन गए.. सच  में स्मार्ट फ़ोन की वजह हम अनेक यादे फोन में चित्रित कर सकते है... यह हमें मिला हुवा वरदान ही है... क्यूंकि १५ साल पहले फोटो निकले के लिए  हमें फोटो स्टुडिओ जाना पड़ता था... आज हम जहाँ जायेंगे वहाँ फोटो निकाल सकते है.. वो फोटो...

श्री गजानन महाराज दर्शन लीला ०५

श्री बंकटलाल और पीतांबर  शिंपी  कीर्तन सुनने गए थे... लेकिन उधर ह उनको श्री गजानन महाराज दिखे... फिर क्या वो कीर्तन छोड़कर श्री महाराज के पास आ गए... उन्होंने श्री महाराज जी से पूछा...की आपको खाना लावू क्या? तब श्री महाराज उन्हें बोले आपको जररूत होंगी तो मालिनी के घर...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 4

श्री गजानन महाराज जी के दर्शन क प्यास जगी श्री बंकटलाल जी के मन में   श्री गजानना चरित्र दर्शन ४ - श्री बंकटलाल जी को पूर्ण विश्वास था की श्री गजानन महाराज जी ब्रम्हांड नायक है... अब उनके मन में श्री दर्शन की प्यास जग गई थी... उनको भूख प्यास मीट  गई थी... उनकी...

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  नवरात्र म्हणजे म्हणजे आपल्या प्रगतीचा कालावधी...आपण अनेक सण- वार साजरे करतो... करत आहोत... आणि करणार आहोत पण.. आपल्या पूर्वजानी जे अनेक सण  आपणस सांगितले आहेत या मागे फार विचारपूर्वक आपल्या प्रगती चा विचार करून हे सर्व केले आहे... आपण दरवर्षी नवरात्र साजरी...