जसे पांडवांना श्री कृष्ण भेटले..तसा अनुभव आपणस येईल का?

Feb 25, 2023 | प्रार्थना व प्रेरणादायी विचार, मराठी

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!!श्री स्वामी समर्थ!!

ज्ञानदेव म्हणे व्यासाचिया खुणा । द्वारकेचा राणा पांडवांघरीं ॥४॥
हरिपाठ
पहा काय बोध होतो..स्वामीं नाम घ्या ..स्वामीं नाम..किमान रोज १ माळ..!
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स्वामीं भक्तहो..माऊली आपणस वरील ओवीतून नामाची महती सांगत आहेत..व्यास महाराजांनी जे सांगितले आहे त्यानुसार..द्वारकाधिश म्हणजे प्रत्यक्ष भगवान श्री कृष्ण हे पांडवा बरोबर होते..राहिले..पहा इथे आपण पांडवांनी सुद्धा नामरूपी सेवा केली त्याच्या फलस्वरूप भगवान श्री कृष्ण त्यांच्या बरोबर होते… पहा इथे आपणस आणखीन एक बोध होतो तो म्हणजे आपण कुणाचे सानिध्य पसंद करतो.. पांडवांनी भगवान श्री कृष्ण यांची साथ पसंद केली परिणाम आपल्या सर्वांना माहीत आहेच..आपण ही रोजच्या जीवनात कोणत्या लोकांबरोबर असते त्या नुसार आपले, आचार , विचार , आहार असतो..त्या नुसार आपले जीवन घडत असते..म्हणून आपण नेहमी सकारात्मक लोकांच्या संपर्कात रहावे.. रोज नित्य नियमाने नाम सेवा करावी..जशी कृपा पांडवा वर झाली तशी नक्कीच आपल्यावर होईल..धन्यवाद समर्था.. कोटी कोटी धन्यवाद


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