वटवृक्षातळी अक्कलकोटी , आजही समर्थ निवास करती !!

Feb 5, 2023 | प्रार्थना व प्रेरणादायी विचार, मराठी

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स्वामी वाणी पुष्प ५३५(पर्व ४ थे भाग ३९)

आजचे चिंतन-मनन

वटवृक्षातळी अक्कलकोटी ,
आजही समर्थ निवास करती !!
प्रेमभावे दर्शना जाती ,
प्रत्यक्ष दिसती स्वामी !!

www.SwamiVaani.com

स्वामी भक्तहो.. वरील ओवी तर स्पष्ट आहे.. आपण सर्वच जाणता अक्कलकोट ला वटवृक्ष मंदिर आहे.. जिथे आपण दर्शन घेता. आजही तिथे आपणस.. टाळ मृदूंगाचा नाद आपण ऐकू येतो.. स्वामींचा निवास तिथे आहे.. आजही अनेकांना स्वामींचे दर्शन होते.. इथे आपणस स्वामी विषयी प्रेम भाव जागृत असणे आवश्यक आहे..आता स्वामी विषयी प्रेम भाव आपल्यात कसा जागृत होईल.. जेव्हा आपण नित्य सेवा करू.. नित्य स्वामी नाम घेऊ.. जेव्हा आपणास स्वामी नामावर प्रेम जागृत होईल तेव्हा.. स्वामींवर प्रेम भाव जागृत होईल.. जेव्हा भक्ती मध्ये प्रेम निर्माण होईल.. तेव्हा स्वामी सेवेचा आनंद प्राप्त होईल.. स्वामी सेवेत प्रेम.. आनंद आला कि स्वामी अनुभूती येणारच.. चला तर मग स्वामी सेवेत प्रेम भक्ती आनंद निर्माण करूया.. !


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