हर साल हम पितृ पूजा करते है.. हमारी संस्कृति में साल में १६ दिन हमारे पूर्वजों की पूजा के लिए दिए है.. यह हमारे पूर्वजों के प्रति सदभावना व्यक्त करने का दिन… सचमें हमारे पूर्वजोंने कितना विचार पूर्वक यह सब बनाए है..सचमें यह सब देखने के बाद गर्व होता है.. लेकिन कुछ चीजों के बारे में जब चिंतन मनन होता है तब लगता है की कुछ तो गलत हो रहा है…जिन पूर्वजोंकी हम पूजा करते है… वो जब जीवित होते है सचमें उनकी सेवा करते है क्या ? उनको क्या चाहिए…उनकी हमसे जो भी कुछ अपेक्षा है उसकी हम पूर्ति करते है क्या? उनसे हम आदर पूर्वक बात करते है क्या ? उनका कभी दिल तो नहीं दुःखा रहे.. कुछ बच्चे अपने माता पिता को वृद्धाश्रम में रखते है.. अगर इसका उत्तर नकारात्मक है और उनके जाने के बाद अगर हम सिर्फ पितृ दोष के डर से उनकी पितृ पक्ष में या उनकी स्मृति के प्रीत्यर्थ पूजा करते है तो….उसका कुछ भी फायदा हो नहीं सकता क्यूंकि जीते जी अगर उनको क्या चाहिए यह देखा नहीं और मरने के बाद कितने भी पूजा कर्म करने से उनका आशीर्वाद कैसे प्राप्त हो सकता है…सचमे हर एक ने इसके प्रति चिंतन मनन करना चाहिए…दूसरी एक चीज जो देखी जाती है वह देख कर तो बहोत बुरा लगता है.. अपने पूर्वजों की पूजा सभी बच्चे अपने अपने घर में अलग अलग करते है क्यूंकि भाई भाई में झगड़ा है..भाई भाई से बात नहीं करता.. और इस वजह हर एक बेटा अलग अलग अपने पूर्वजों की पूजा करता है.. सचमें यह पूजा आपके पूर्वज स्वीकार कर सकते है.. अगर आप सच्चे दिल से इसके ऊपर चिंतन मनन करेंगे तो आपको भी उत्तर मिलेगा इस तरह की पूजा से पूर्वज खुश नहीं हो सकते .. सचमे आपको लगता है.. आपके पूर्वजों को मुक्ति मिले? उनका कृपा आशीर्वाद सदा आपको मिलता रहे… तो आज से जो भी आपके घरमें आपके माता पिता है उनसे आदरपूर्वक बात करो उनको आपसे कुछ भी नहीं चाहिए सिर्फ आपका प्यार चाहिए…अगर माता पिता नहीं है और आपको उनकी पूजा करनी है उनका आशीर्वाद चाहिए तो पहले एक काम करो जो भी अपने पूर्वजों की पूजा करने चाहते है वो सभी भाई मिलकर एक जगह पर करो.. आपस में प्रेम रखो.. देखो आपके पूर्वज तो सिर्फ इसी एक बात से खुश होकर भरपूर आशीर्वाद देंगे..
पंडित जी तो पूजा करेंगे ही लेकिन घर सभी सदस्य..मिलकर अपने पूर्वजों से प्रार्थना करे
है हमारे पूर्वजों..हम आपके सदैव ऋणी रहेंगे..हम आपका ऋण तो चुकता नहीं कर सकते..लेकिन हम आपको आश्वासन देते है की.. हम सब भाई.. बहन.. हमेशा साथ साथ रहेंगे..कौनसी भी परिस्थिति आये हम एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे.. कभी भी आपके दिल को चोट पहुचेंगी ऐसा बर्ताव हम नहीं करेंगे..आज तक हमसे जो भी गलती हुवी होंगी इसके लिए हमें माफ़ करो.. और हमें ऐसा आशीर्वाद दो की हम सभी में हमेशा एकता रहे…हमारा हर एक कर्म हमारे पूर्वजों के लिए और हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रशंसनीय रहे.. यह समझ हमको देने के लिए धन्यवाद..ऐसी ही कृपा हमारे ऊपर रहे !!