जाणसी मनीचे सर्व समर्था

Feb 5, 2023 | प्रार्थना व प्रेरणादायी विचार, मराठी

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स्वामी वाणी पुष्प ५२४(पर्व ४ थे भाग २८)

✨ आजचे चिंतन-मनन ✨

जाणसी मनीचे सर्व समर्था,
विनवू किती भवहरा रे ।।
इतुके देई दीन दयाळा ,
नच तव पद अंतरा रे ।।

– आरती संग्रह (दिंडोरी प्रणित सेवा मार्ग)

www.SwamiVaani.com

स्वामीं भक्त हो..वरील ओवी म्हणजे ह्रदयातून आलेले आर्त भाव..ज्यांच्या हृदयातून हे भाव प्रगट झाले अश्या..प.पु.पिठले महाराज..प.पु. मोरे दादा व गुरुमाऊली यांच्या मुळे आपल्या पर्यंत आले..या सर्वांच्या चरणी प्रार्थना करूया आमच्या कडून या ओवी वर चिंतन मनन करून घ्या…जी आर्त भावनेने केली जाते ती आरती…ज्या शब्दांच्या केवळ श्रवण केले तरी भक्ती भाव जागृत होतो..असे वरील कडवे आहे…हे समर्था तू आमच्या मनातील सर्व जाणतोस..मी काही न बोलताही तुला सर्व काही कळते.. हे समर्था तू तर भव सागर तारक आहेस.. तुला काय , कशी आणि किती प्रार्थना करू..आज इतकीच प्रार्थना आहे की..काहीही होऊ दे पण हे दिन दयाळा..तुझ्या चरणा पासून मला दूर करू नकोस..तुझ्या चरणी जे सुख, आनंद, प्रेम आहे ते इतर कुठेही नाही..धन्यवाद समर्था..धन्यवाद ही प्रार्थना करून घेतल्याबद्दल धन्यवाद
.!


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