स्वामी चरित्र सारामृत अ.१८ ओ.५१

Feb 5, 2023 | प्रार्थना व प्रेरणादायी विचार, मराठी

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स्वामी वाणी पुष्प ५२१(पर्व ४ थे भाग २५)

कलियुगी दिवसेंदिवस ।
वाढेल स्वामी महिमा विशेष ।
ऐसे बोलले स्वामीदास ।
येथे विश्वास धरावा ॥

– स्वामी चरित्र सारामृत अ.१८ ओ.५१
www.SwamiVaani.com

स्वामीं भक्त हो..वरील ओवी स्वामीं चरित्र यातील आहे..यावर आपण चिंतन मनन करा..अशी रोज एक ओवी आपणस येईल..त्यावर चिंतन मनन करा पहा..अनेक प्रश्नांची उत्तरे स्वामीं आपणस देतात..!
वरील ओवीत स्वामीं आपणस विश्वास हा गुण आपल्यात वाढवण्यास सांगत आहेत.. विश्वास कसा असावा..लहान बालकाचा आपल्या आई वडिलांवर विश्वास असतो..काही झाले तरी आपले आई बाबा आहेत..या विश्वासात कुठेही शंका..अविश्वास नसतो..असतो १०० % विश्वास..स्वामीं सेवेतही.. आपला विश्वास कसा आहे त्या नुसार आपणस फळ मिळते…इथे एक गोष्ट प्रामुख्याने लक्षात असावी..विश्वास व आपण करत असणारे कर्म हे प्रामाणिक।असावेत..म्हणजेच आपले कर्म हे स्वामींच्या विश्वासास पात्र असेच असावे..म्हणजेच स्वामीं आपणस आज विश्वास हा गुण वाढवण्यास सांगत आहेत..समर्था आमच्यातील विश्वास हा गुण वाढव..धन्यवाद समर्था..ही समज दिल्याबद्दल धन्यवाद..!

 


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