मी डॉक्टर सिंधुताई सपकाळ बोलतेय – एक प्रेरणा

Jan 12, 2022 | प्रेरनादाई कथा, मराठी

Share

बाळांनो… मी डॉक्टर सिंधुताई सपकाळ बोलतेय… हो तुमची माई बोलतेय… बेटा दचकू नकोस…मी तर अनंतात विलीन झाले… हि बातमी जेव्हा सोशल मीडिया मार्फत तुझ्या पर्यंत पोहोचली तेव्हा… सोशल मीडिया द्वारे तू जी श्रद्धांजली… भावांजली वाहिलीस त्या बद्दल खूप खूप धन्यवाद… पण खरंच मला एक सांग खरंच तुला असे वाटते कि मला श्रद्धांजली व्हावी… जी कायम सतत येणाऱ्या पिढीसाठी प्रेरणा असेल…मी तुला एक काम सांगते… काम अवघड नाही तसेच सोपे हि नाही कारण तुला हि तुझा प्रपंच आहे… तुझा प्रपंच सांभाळता… सांभाळता एक काम करशील…तुला जशी शक्य आहे तशी अनाथ मुलांना… अनाथ वृद्धांना मदत करशील… असे मी म्हणणार नाही कि तू अमुक इतकीच मदत कर…तुला जशी शक्य आहे तशी मदत कर…तू मनात आणशील तर एका अनाथ मुलाचे जीवन तू बदलू शकतोस…तुझ्या आसपास अनेक अशी मुले आहेत… अनेक वृद्ध आहेत ज्यांना कुणीच नाही… त्यांना तुला जशी शकय आहे तशी मदत कर… तुझ्या उत्पन्नाच्या २ ते ५ टक्के मदतीने ते अनाथ बाळ चांगले शिकू शकते बेटा…बेटा या यामध्ये आणखीन एक गोष्ट लक्षात ठेव मदत कर पण तू ती मदत निस्वार्थ भावनेनें कर…जर तू हे कार्य करू शकलास तर नक्कीच तीच मला खरी श्रद्धांजली असेल


Share
और पढिये !!

डिजिटल दुनिया –

डिजिटल दुनिया - आज का युग डिजिटल युग है .. हम सभी डिजिटल हो गए है ... एक समय था की हम एक दूसरे से  सवांद करने के लिए कई महीने- साल रुकना पड़ता था... क्यूंकि लोगों को एक गांव से दूसरे गांव संदेशा  देने के लिए  किसीको भेजना पड़ता था ..बाद में संदेशा  भेजने के लिए पत्रों...

संकष्टी चतुर्थी

संकष्टी चतुर्थी  - गणेश भक्तोंका एक व्रत  है जिसे संकष्टी चतुर्थी  कहाँ  जाता है ! अनेक भक्त यह व्रत करते है ! इस व्रत के पीछे बहोत सी कथाये है ! अभी हम गणेश पुराण में जो कथा है वो यहाँ देखते है ! कृतवीर्य  नाम के राजा थे वे एक परिपूर्ण ऐसे राजा थे ! उनकी पत्नी का नाम...

भगवान् श्री गणेश जी की पूजा सर्वप्रथम क्यूँ की जाती है ?

भगवान् श्री गणेश जी की पूजा सर्वप्रथम क्यूँ  की जाती है ? वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ कार्य कोनसा भी हो उस कार्य का आरंभ भगवान् श्री गणेश जी की पूजा से किया जाता है ! यह प्रथा बरसो से चल रही है और चलती रहेगी जब हम...

कीर्तन भक्ति – नवविधा भक्ति

नवविधा भक्ति का दूसरा प्रकार कीर्तन भक्ति...सचमें कीर्तन करना भी भगवद भक्ति में आता है यह हमारे लिए कितनी आनंददाई बात है... कीर्तन भक्ति यानी ईश्वर के गुण, चरित्र, नाम, पराक्रम आदि का आनंद से सबके साथ कीर्तन करना... अब हम पहले भक्ति में श्रवण करते है... जो भी कुछ...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 6

श्री महाराज इन्होंने भोजन किया पीताम्बर ने लाया हुवा पानी पिया उसके बाद श्री महाराज बंकट लाल को बोलते है..तुम्हारे जेब में जो सुपारी है वो दो हमको ..श्री महाराज ने ऐसे बोलते ही श्री बंकट लाल ने जेब से सुपारी निकालकर श्री महाराज को दी उसी जेब में..दो पैसे थे वो भी।उसने...

श्रवण भक्ति – नवविधा भक्ति

हमारी संस्कृति  में भक्ति के नौ प्रकार बताये गए है... इस प्रकार में सर्वप्रथम आती है श्रवण भक्ति... हर एक भक्ति पद्धति अलग अलग होती है... लेकिन श्रवण भक्ति सभी लोग जाने अनजाने में करते ही है...इसके बारे में श्री समर्थ रामदास स्वामी कहते है " प्रथम भजन ऐंसे जाण |...

स्मार्ट फ़ोन या सेल्फी फ़ोन

स्मार्ट फोन से हम  स्मार्ट बन गए.. सच  में स्मार्ट फ़ोन की वजह हम अनेक यादे फोन में चित्रित कर सकते है... यह हमें मिला हुवा वरदान ही है... क्यूंकि १५ साल पहले फोटो निकले के लिए  हमें फोटो स्टुडिओ जाना पड़ता था... आज हम जहाँ जायेंगे वहाँ फोटो निकाल सकते है.. वो फोटो...

श्री गजानन महाराज दर्शन लीला ०५

श्री बंकटलाल और पीतांबर  शिंपी  कीर्तन सुनने गए थे... लेकिन उधर ह उनको श्री गजानन महाराज दिखे... फिर क्या वो कीर्तन छोड़कर श्री महाराज के पास आ गए... उन्होंने श्री महाराज जी से पूछा...की आपको खाना लावू क्या? तब श्री महाराज उन्हें बोले आपको जररूत होंगी तो मालिनी के घर...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 4

श्री गजानन महाराज जी के दर्शन क प्यास जगी श्री बंकटलाल जी के मन में   श्री गजानना चरित्र दर्शन ४ - श्री बंकटलाल जी को पूर्ण विश्वास था की श्री गजानन महाराज जी ब्रम्हांड नायक है... अब उनके मन में श्री दर्शन की प्यास जग गई थी... उनको भूख प्यास मीट  गई थी... उनकी...

नवरात्र व आपली प्रगती

  नवरात्र म्हणजे म्हणजे आपल्या प्रगतीचा कालावधी...आपण अनेक सण- वार साजरे करतो... करत आहोत... आणि करणार आहोत पण.. आपल्या पूर्वजानी जे अनेक सण  आपणस सांगितले आहेत या मागे फार विचारपूर्वक आपल्या प्रगती चा विचार करून हे सर्व केले आहे... आपण दरवर्षी नवरात्र साजरी...