डॉक्टर – विट्ठल व्यंकटेश कामत – इडली से लेकर ऑर्चिड तक

Oct 18, 2021 | प्रेरनादाई कथा, हिंदी

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डॉक्टर – विट्ठल व्यंकटेश कामत  इडली से लेकर ऑर्चिड  तक

नमस्कार आज हम डॉक्टर – विट्ठल व्यंकटेश कामत  जी की कहानी से प्रेरणा लेने वाले है।

 विट्ठल  कामत ये नाम आपने सभी सुना होगा या उनके होटल में खाना भी खाया होगा ।  आज जगत में सबसे बड़े होटल है इनके सचमे में क्या ये एक रात में हुवा क्याउन्होने क्या किया होगा इसके लिए आज इसके लिया हम उनके जीवन की घटना पढ़ते है… यह घटना हमको प्रेरणा देगी। वैसे तो उनका पूरा जीवन ही प्रेरणा दाई है ! जब उनकी उम्र १८ साल की थी तब वे लंडन जाने के बारे में उन्होंने अपने पिताजी से कहा मुझे सिर्फ जाने की लिए टिकिट दीजिये पिताजी बोले लेकिन तुम वापिस कैसे आवोगे। तब वो बोले मै  उधर जाकर कुछ करूँगा इस तरह से वो लंडन के लिए रवाना हो गएउधर जाने के बाद उन्होंने रहने के लिए भारतीय होटल का चयन किया उधर जाकर उन्होंने खाने के लिए इडली मंगाई वो इडली इस तरह की थी वो जैसे च्विंगम हो |   उस वक्त उन्होंने उस होटल के मालिक को बोले इससे अच्छी में आपको इडली बना के दे सकता हुवो बताते है की इससे पहले उन्होंने कभी इडली बनाई नहीं थी लेकिन जब उनकी माँ घर में इडली करती तो वो यह सब खुली आँख से देखते थे उन्होंने इडली बनाने कि सारी तैयारी की उसक वक्त वहाँ  एक लेडी आयी और उसने उनसे पूछा की आपको ईस्ट चाहिए क्या इन्होने बोल दिया मुझे ईस्ट नहीं चाहिएतब वो लेडी बोली आप यहाँ का जो भी ठंड मौसम है इसमें आप ईस्ट के बिना इडली नहीं बना सकते तब उन्होने ईस्ट के सिवाय इडली बनाई और वो ऐसी थी की कपास की तरह थी यह सब देखकर सभी अचंबित हो गए और उसी वक्त विट्ठल कामत उनको बोले की आठ दिन में आपको यह सब कुछ सीखा सकता हूँ अगर आप मुझे ५० पौंड देंगे और इस तरह उन्होंने सिर्फ ४५ घंटे में उन्होंने लंडन में ५० पौंड कमाए | इस तरह एक इडली वाले से लेकर आज ऑर्चिड  होटल तक की यात्रा जग में आज सबसे बड़ी होटल की चेन उनकी है उपरोक्त सच कहानी है जो हमे सीखती है की हमें हमेशा हमारी आँखे और कान खुले रखनी चाहिए तभी हम एक यशस्वी उद्योजक बन सकते है उनका तो संपूर्ण  जीवन यात्रा प्रेरणा देने वाली है लेकिन यहाँ एक बात भी हमें  प्रेरणा देती है वह हमें लेनी है |

विट्ठल कामत जी के प्रेरणात्मक विचार

१) अपने पसीने को इत्र बनावो |

२) खरीदार कितना भी बड़ो हो लेकिन तुम खुद कभी बेचो |

3) आने वाले हर एक ग्राहक भगवान् ही होता है |

 


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