सर्वप्रथम महादेवजी के लिंग का पूजन श्री ब्रम्हदेव और विष्णु देव इन्होने किया वह दिन महाशिवरात्रि का दिन था.. इनकी पूजा से महादेव जी प्रसन्न हुवे और उन्होंने यह वर दिया की इस दिन जो भी कोई शिव पूजन करेंगे उन्हें पुरे साल सेवा करने का फल प्राप्त होगा..शिव पुराण कथा में पार्थिव शिव लिंग पूजन को अनन्य साधारण ऐसा महत्त्व है.. बहोत बार हमारे मन प्रश्न निर्माण होता है की ऐसा ही शिव लिंग हो.. इसी धातु का हो.. ऐसा न हो… लेकिन शिव महा पुराण हमें बताता है की सभी ने पार्थिव शिव लिंग का पूजन करना चाहिए..अब शिव महा पुराण में अनेक मंत्रो से इसका निर्माण कर सकते है ऐसा आता है.. लेकिन अगर हमको कुछ भी मालूम न हो तो हम ॐ नमः शिवाय इस मंत्र जपते जपते इसका निर्माण कर सकते है.. उसी तरह शिव पूजन के लिए यही मंत्र का जाप करने का विधान शिव पुराण करता है.. इसलिए हमें कम से हर रोज एक माला या ११ माला ॐ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए… शिव पुराण कथा में अन्न का महत्व अनन्य साधारण ऐसा है… इसलिए हमें जैसे हो सके वैसे भूखे आदमी को अन्न दान करना चाहिए… इस तरह हमें अपने जीवन में शिवजी का पूजन करना है और अपना जीवन सफल बनाना है.. बोलो उमा महेश्वर देवता की जय.. ॐ नमः शिवाय !!