श्री महालक्ष्मी पूजा

Sep 26, 2021 | प्रेरनादाई कथा, हिंदी

Share

भाई और बहनो  आप सभी को नमस्कार ! हम सभी लोग अभी श्री गणपति बाप्पा और  साथ में कुछ लोग श्री महालक्ष्मी की भी पूजा कर रहे… सभी तरफ खुशियों का वातावरण है… या सभी पूजा पाठ जब देखता हु… उसके पीछे अपने पूर्वजों  की जो धारणा थी बहोत ऊँची थी… गणपति के साथ… श्री महालक्ष्मी का भी आगमन होता है… सभी जानते है  महालक्ष्मी  माता आती है यानी वो आपने मायके आती है… उसका हम सब बहोत ही जोरदार स्वागत करते है… विभिन्न पदार्थ बनाये जाते है… प्रसाद के लिए १६ प्रकार के पदार्थ बनाए जाते है… मायके आने के बाद घर में एक आन्दोत्सव मनाया जाता है… लेकिन जब ये सब चीजे अपने जीवन लागु करने का समय आता है तो ? आज हम इस विषय को लेकर थोड़ा चिंतन मनन  करने वाले है… चलो… हमने देखा की गौरी पूजन यानी महालक्ष्मी माता अपने मायके आती है तो उसका पूजन… सच में अपने  आप से एक सवाल पूछने का है… सचमे जब महालक्ष्मी यानी आपकी बहन आपके घर आती है तो आप इस तरह उसका स्वागत करते है  क्या ? अगर आपका उत्तर नहीं आ रहे है तो समझ लेना…महालक्ष्मी माता इतने बार प्रत्यक्ष रूप में आती लेकिन अभी तक मैंने उसे पहचाना नहीं…अभी देखो उसका स्वागत क्यूँ  नहीं हो रहा तो उसने उसके ही माँ  पिता के घर में खेत का हिस्सा मांगा…और बहन भी इस तरह से झगड़ती  है… जैसे  अगर उसे वह  नहीं मिला तो वो भूखी  रहने वाली है… अभी कुछ सवाल भाई और बहनजी आप अपने आप से पूछो।।

१) ये जो भी मेरे माता पिता  ने कमाया है ? वो हम सभी झगड़ने के लिए  कमाया क्या?

२) अगर ये मुझे नहीं मिला तो क्या होगा ? या सब कुछ मुझे मिला तो क्या होगा

३) सच में हम सगे  भाई बहन है ?

४) मेर माँ बाप के पास कुछ भी नहीं होता तो

५) मेरे बच्चे भी इसी तरह से झगड़ा करेंगे तो

६) मरने के बाद में ये सब लेकर जा सकता हु / सकती हु

७) सिर्फ भौतिक वस्तु  के लालच में हम एक दूसरे के दुश्मन हो गए

८) यह सब देखकर मेरे माता पिता  हमको आशीर्वाद देते होंगे या कहते  होंगे क्यूँ  मैंने इतना कमाया की मेरे ही बच्चे भाई… बहन का नाता भूल गए

९) जो भी झगड़ा आज तक हुवा अब वह मिट सकता है क्या इसके लिए  मै  मेरा स्वार्थ छोड़ सकता हु क्या

ये ऊपर दिए हुवे सवाल खुद से कम से काम १० बार पूछो अगर उसके बाद आपको अपने गलती को एहसास हो तो जरूर एक दूसरों  की माफ़ी मांगो…देखो अगर आप खुद  इस पर चिंतन मनन करेंगे तो आपको ही आपकी गलत का एहसास होगा…और अगर यह गलती में आप सुधार  करेंगे तो आपको श्री महालक्ष्मी पूजा का अर्थ समझ में आ गया और आपके ऊपर सचमे श्री महालक्ष्मी देवी की कृपा हो गई है और ज्यादा  होने वाली है… यहाँ पर जो भी बात  समाज में दीख रही है  वह आपके सामने लाने का एक प्रयास किया है.. आपकी सचमें  यह बात में कुछ दम  है ऐसा लग रहा हो तो.. जरूर यह वीडियो शेयर करे चैनल  को सब्सक्राइब कीजिए  धन्यवाद। कोटि धन्यवाद

 


Share
और पढिये !!

परब्रम्ह श्री स्वामी समर्थ महाराज

परब्रम्ह श्री स्वामी समर्थ महाराज विश्व  के चालक- मालक-पालक भगवान् श्री स्वामी समर्थ महाराज का चरित्र तो अथांग सागर जैसा है वह किसी एक लेख में या पोस्ट में समा  नहीं सकता ये तो सभी स्वामी भक्त जानते ही है ! यहाँ हम आपको एक ऐसी वेबसाइट के बारे में जानकारी देने वाले है...

डिजिटल दुनिया –

डिजिटल दुनिया - आज का युग डिजिटल युग है .. हम सभी डिजिटल हो गए है ... एक समय था की हम एक दूसरे से  सवांद करने के लिए कई महीने- साल रुकना पड़ता था... क्यूंकि लोगों को एक गांव से दूसरे गांव संदेशा  देने के लिए  किसीको भेजना पड़ता था ..बाद में संदेशा  भेजने के लिए पत्रों...

संकष्टी चतुर्थी

संकष्टी चतुर्थी  - गणेश भक्तोंका एक व्रत  है जिसे संकष्टी चतुर्थी  कहाँ  जाता है ! अनेक भक्त यह व्रत करते है ! इस व्रत के पीछे बहोत सी कथाये है ! अभी हम गणेश पुराण में जो कथा है वो यहाँ देखते है ! कृतवीर्य  नाम के राजा थे वे एक परिपूर्ण ऐसे राजा थे ! उनकी पत्नी का नाम...

भगवान् श्री गणेश जी की पूजा सर्वप्रथम क्यूँ की जाती है ?

भगवान् श्री गणेश जी की पूजा सर्वप्रथम क्यूँ  की जाती है ? वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ कार्य कोनसा भी हो उस कार्य का आरंभ भगवान् श्री गणेश जी की पूजा से किया जाता है ! यह प्रथा बरसो से चल रही है और चलती रहेगी जब हम...

कीर्तन भक्ति – नवविधा भक्ति

नवविधा भक्ति का दूसरा प्रकार कीर्तन भक्ति...सचमें कीर्तन करना भी भगवद भक्ति में आता है यह हमारे लिए कितनी आनंददाई बात है... कीर्तन भक्ति यानी ईश्वर के गुण, चरित्र, नाम, पराक्रम आदि का आनंद से सबके साथ कीर्तन करना... अब हम पहले भक्ति में श्रवण करते है... जो भी कुछ...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 6

श्री महाराज इन्होंने भोजन किया पीताम्बर ने लाया हुवा पानी पिया उसके बाद श्री महाराज बंकट लाल को बोलते है..तुम्हारे जेब में जो सुपारी है वो दो हमको ..श्री महाराज ने ऐसे बोलते ही श्री बंकट लाल ने जेब से सुपारी निकालकर श्री महाराज को दी उसी जेब में..दो पैसे थे वो भी।उसने...

श्रवण भक्ति – नवविधा भक्ति

हमारी संस्कृति  में भक्ति के नौ प्रकार बताये गए है... इस प्रकार में सर्वप्रथम आती है श्रवण भक्ति... हर एक भक्ति पद्धति अलग अलग होती है... लेकिन श्रवण भक्ति सभी लोग जाने अनजाने में करते ही है...इसके बारे में श्री समर्थ रामदास स्वामी कहते है " प्रथम भजन ऐंसे जाण |...

स्मार्ट फ़ोन या सेल्फी फ़ोन

स्मार्ट फोन से हम  स्मार्ट बन गए.. सच  में स्मार्ट फ़ोन की वजह हम अनेक यादे फोन में चित्रित कर सकते है... यह हमें मिला हुवा वरदान ही है... क्यूंकि १५ साल पहले फोटो निकले के लिए  हमें फोटो स्टुडिओ जाना पड़ता था... आज हम जहाँ जायेंगे वहाँ फोटो निकाल सकते है.. वो फोटो...

श्री गजानन महाराज दर्शन लीला ०५

श्री बंकटलाल और पीतांबर  शिंपी  कीर्तन सुनने गए थे... लेकिन उधर ह उनको श्री गजानन महाराज दिखे... फिर क्या वो कीर्तन छोड़कर श्री महाराज के पास आ गए... उन्होंने श्री महाराज जी से पूछा...की आपको खाना लावू क्या? तब श्री महाराज उन्हें बोले आपको जररूत होंगी तो मालिनी के घर...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 4

श्री गजानन महाराज जी के दर्शन क प्यास जगी श्री बंकटलाल जी के मन में   श्री गजानना चरित्र दर्शन ४ - श्री बंकटलाल जी को पूर्ण विश्वास था की श्री गजानन महाराज जी ब्रम्हांड नायक है... अब उनके मन में श्री दर्शन की प्यास जग गई थी... उनको भूख प्यास मीट  गई थी... उनकी...