श्री गजानन महाराज प्रथम दर्शन लीला

Sep 19, 2021 | चरित्र, संत गजानन महाराज, हिंदी

Share

परब्रम्ह श्री गजानन महाराज कुछ न बोलके भी हमे बता रहे है ” अन्न ही परब्रम्ह है”
श्री गजानन महाराज लीला
– शेगांव में एक देवीदास पातुरकर नाम के गृहस्थ रहते थे ! वह मठाधिपति थे ! एक दिन उनके लड़के की ऋतु शांति का विधी घर मे थी उस वजह से उन्होंने अनेक लोगोंको को भोजन करने के लिए आमंत्रण दिया था ! बहोत लोग भोजन करने के लिए आये थे ! उस वक्त भोजन करने के लिये पत्तो की थाली का उपयोग होता था ! आज भी गाँव में कुछ जगह पर इसका इस्तेमाल किया जाता है! उनके ऊपर भोजन करने के बाद वह थाली कूड़े में डाल रहे थे! सर्वप्रथम वही पर ही अचानक से श्री गजानन महाराज उस कूड़े के पास आकर बैठ गए ! आजानुबाहु , तेजस्वी मुद्रा ,दिगम्बर , अंगो पर पुराने कपड़े की बंडी और हात में चिलिम थी ! वह परब्रम्ह उस फेके हुंए थाली से चावल के शीत उठाकर खा रहे थे ! बोलो अनंतकोटी ब्रम्हांड नायक श्री गजानन महाराज की जय !
बोध – परब्रम्ह की हर एक लीला हमारे लिए बोध पर होती है ! उनकी लीला से बोध लेने के लिए उनकी कृपा चाहिये ! चलो हम परब्रह्म को प्रार्थना करते है हमें दिल से चिंतन मनन करके लो ! अन्न का हर एक कण महत्वपूर्ण ऐसा है! एक एक कण से अनेकों का उदर भरण हो सकता है ! अन्न पूर्णब्रम्ह है यह समझ हमे हमेशा रखनी है !अन्न का एक भी कण जूथा मत छोड़ो ! वह चाहते तो उधर जाकर भी भोजन कर सकते थे लेकिन उन्होंनो हमें उनकी लीला से समझ दी कि उतना ही अन्न लो जितनी आपको जरूरत हो ! हम जो भी अन्न खा रहे है उस हर एक कण को धन्यवाद दो….. जिस खेती से यह अनाज आया है , जिसने यह धान्य परोसा है उन सबको धन्यवाद दो ! इस और चीज का हमें खयाल हमें याद रखना है की जब भी हम बाहर खाना खाने जाते है तब तो इस बात का सबसे जादा ख़याल रखना है की कुछ भी अन्न बर्बाद न हो ! हमारा यह अन्न के प्रति का भाव श्री गजानना महाराज के बोध पर चलने का एक कदम है ! धन्यवाद …..धन्यवाद … धन्यवाद

प्रार्थना – महाराज हम सबको आज आप ने अन्न पूर्ण ब्रम्ह है इसकी जो समझ दी उसके लिए कोटि कोटि धन्यवाद … यह समझ हमको हमेशा रहे … हमसे अन्न का एक भी कण का नुकसान न हो…अन्न के हर एक कण प्रति हमें आपके बोध की समझ रहे ! धन्यवाद महाराज कोटि कोटि धन्यवाद


Share
और पढिये !!

परब्रम्ह श्री स्वामी समर्थ महाराज

परब्रम्ह श्री स्वामी समर्थ महाराज विश्व  के चालक- मालक-पालक भगवान् श्री स्वामी समर्थ महाराज का चरित्र तो अथांग सागर जैसा है वह किसी एक लेख में या पोस्ट में समा  नहीं सकता ये तो सभी स्वामी भक्त जानते ही है ! यहाँ हम आपको एक ऐसी वेबसाइट के बारे में जानकारी देने वाले है...

डिजिटल दुनिया –

डिजिटल दुनिया - आज का युग डिजिटल युग है .. हम सभी डिजिटल हो गए है ... एक समय था की हम एक दूसरे से  सवांद करने के लिए कई महीने- साल रुकना पड़ता था... क्यूंकि लोगों को एक गांव से दूसरे गांव संदेशा  देने के लिए  किसीको भेजना पड़ता था ..बाद में संदेशा  भेजने के लिए पत्रों...

संकष्टी चतुर्थी

संकष्टी चतुर्थी  - गणेश भक्तोंका एक व्रत  है जिसे संकष्टी चतुर्थी  कहाँ  जाता है ! अनेक भक्त यह व्रत करते है ! इस व्रत के पीछे बहोत सी कथाये है ! अभी हम गणेश पुराण में जो कथा है वो यहाँ देखते है ! कृतवीर्य  नाम के राजा थे वे एक परिपूर्ण ऐसे राजा थे ! उनकी पत्नी का नाम...

भगवान् श्री गणेश जी की पूजा सर्वप्रथम क्यूँ की जाती है ?

भगवान् श्री गणेश जी की पूजा सर्वप्रथम क्यूँ  की जाती है ? वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ कार्य कोनसा भी हो उस कार्य का आरंभ भगवान् श्री गणेश जी की पूजा से किया जाता है ! यह प्रथा बरसो से चल रही है और चलती रहेगी जब हम...

कीर्तन भक्ति – नवविधा भक्ति

नवविधा भक्ति का दूसरा प्रकार कीर्तन भक्ति...सचमें कीर्तन करना भी भगवद भक्ति में आता है यह हमारे लिए कितनी आनंददाई बात है... कीर्तन भक्ति यानी ईश्वर के गुण, चरित्र, नाम, पराक्रम आदि का आनंद से सबके साथ कीर्तन करना... अब हम पहले भक्ति में श्रवण करते है... जो भी कुछ...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 6

श्री महाराज इन्होंने भोजन किया पीताम्बर ने लाया हुवा पानी पिया उसके बाद श्री महाराज बंकट लाल को बोलते है..तुम्हारे जेब में जो सुपारी है वो दो हमको ..श्री महाराज ने ऐसे बोलते ही श्री बंकट लाल ने जेब से सुपारी निकालकर श्री महाराज को दी उसी जेब में..दो पैसे थे वो भी।उसने...

श्रवण भक्ति – नवविधा भक्ति

हमारी संस्कृति  में भक्ति के नौ प्रकार बताये गए है... इस प्रकार में सर्वप्रथम आती है श्रवण भक्ति... हर एक भक्ति पद्धति अलग अलग होती है... लेकिन श्रवण भक्ति सभी लोग जाने अनजाने में करते ही है...इसके बारे में श्री समर्थ रामदास स्वामी कहते है " प्रथम भजन ऐंसे जाण |...

स्मार्ट फ़ोन या सेल्फी फ़ोन

स्मार्ट फोन से हम  स्मार्ट बन गए.. सच  में स्मार्ट फ़ोन की वजह हम अनेक यादे फोन में चित्रित कर सकते है... यह हमें मिला हुवा वरदान ही है... क्यूंकि १५ साल पहले फोटो निकले के लिए  हमें फोटो स्टुडिओ जाना पड़ता था... आज हम जहाँ जायेंगे वहाँ फोटो निकाल सकते है.. वो फोटो...

श्री गजानन महाराज दर्शन लीला ०५

श्री बंकटलाल और पीतांबर  शिंपी  कीर्तन सुनने गए थे... लेकिन उधर ह उनको श्री गजानन महाराज दिखे... फिर क्या वो कीर्तन छोड़कर श्री महाराज के पास आ गए... उन्होंने श्री महाराज जी से पूछा...की आपको खाना लावू क्या? तब श्री महाराज उन्हें बोले आपको जररूत होंगी तो मालिनी के घर...

गजानन महाराज चरित्र दर्शन 4

श्री गजानन महाराज जी के दर्शन क प्यास जगी श्री बंकटलाल जी के मन में   श्री गजानना चरित्र दर्शन ४ - श्री बंकटलाल जी को पूर्ण विश्वास था की श्री गजानन महाराज जी ब्रम्हांड नायक है... अब उनके मन में श्री दर्शन की प्यास जग गई थी... उनको भूख प्यास मीट  गई थी... उनकी...