चोवीस तास स्वामीं भक्तीत कसे रहावे..!

Jan 14, 2024 | Uncategorized

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स्वामी भक्तहो.. आपण अनेकदा म्हणतो ऐकतो.. अनेकदा स्वामी वाणीतून आपण ऐकतो “स्वामी भक्तीत रहावे” स्वामी भक्तीत राहणे याचा अर्थ असा आहे का आपण २४ तास स्वामी नाम घ्यायचे आहे.. हे शक्य सुद्धा नाही.. तर मग आपण स्वामी भक्तीत राहणार कसे.. स्वामी भक्तीत राहणे शक्य आहे का ? हो शक्य आहे.. प्रत्येक कर्म जेव्हा आपण स्वामी सेवा आहे या भावनेनं करू तेव्हा त्याचा अर्थ आपण स्वामी भक्तीत आहोत.. जसे आपण सकाळी स्वामी नाम घेऊन घरा बाहेर पडलो.. आता आपण २४ तास स्वामी नाम घेऊ शकत नाही आणि स्वामींना ते अपेक्षित नाही.. तर आपण ज्या काही चांगल्या कामासाठी घरा बाहेर पडलो आहोत.. ते काम स्वामींनी मला दिले आहे.. मी ते प्रामाणिकने करणार.. हा भाव ठेवून.. आपण जेव्हा ते काम करतो तेव्हा ते काम म्हणजेच स्वामी भक्तीत राहणे होय..आता इथे थोडी गल्लत होऊ शकते कि स्वामी सेवा म्हणजे आपण पैसे कमवणार नाही का? असे नाही तर आपण जे काम करत आहोत त्यात गुणवत्ता देणे म्हणजे.. स्वामी भक्ती.. जसे आपण चहा चा व्यवसाय करत आहोत.. तेव्हा आपल्या कडे येणार ग्राहक हे स्वामींनी पाठवले आहेत.. त्यांना चांगला चहा देणे हि माझी स्वामी सेवाच आहे.. जेव्हा हा भाव आपल्यात जागृत होईल.. आपण तो आपल्या अंतकरणात कोरू .. त्यावर तसे करू त्यावेळी आपण स्वामी भक्तीतच असतो.. पहा आपण यावर चिंतन मनन करा नक्कीच आपले प्रत्येक कार्य हि स्वामी भक्ती होईल.. बोला श्री स्वामी समर्थ महाराज कि जय .. ! www.chetnakeswar.com


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