जावे स्वामींना शरण ! करावे स्वामी आज्ञेचे पालन !!

Feb 5, 2023 | प्रार्थना व प्रेरणादायी विचार, मराठी

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स्वामी वाणी पुष्प ५३९(पर्व ४ थे भाग ४३)

आजचे चिंतन-मनन

जावे स्वामींना शरण !
करावे स्वामी आज्ञेचे पालन !!
ह्यातच आहे आपुले कल्याण !
संशय न धरावा मनी !!

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स्वामीं भक्तहो.. वरील ओवी वर आपण चिंतन मनन केले असेल च..जावे स्वामीं ना शरण..इथे आपली गल्लत होऊ शकते..स्वामीं ना शरण जायचे..याचा अर्थ आपले प्रत्येक कर्म हे आपणस स्वामीं सेवा म्हणून करायचे आहे..म्हणजे आपले कर्म करताना आपणस १००% द्यायचे आहेत… स्वामीं आज्ञेच पालन करायचे आहे..म्हणजेच..आपणस जे कोणते काम मिळाले आहे..ती स्वामीं आज्ञा समजून करायचे आहे..ह्यातच आपले कल्याण आहे..पण हे सर्व करत असताना आपल्या मनात कोणताही संशय असता कामा नये..हीच स्वामीं सेवा आहे..म्हणजेच आपले नित्य कर्म प्रामाणिकपणे करणे ही स्वामीं सेवेची प्राथमिक अट म्हंटलं तरी चालेल..चला तर मग आजपासून आपण जे ही कर्म करतो ते प्रामाणिक पणे करूया..स्वामीं सेवा स्वामीं चरणी रुजू करू या..धन्यवाद स्वामीं

 


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