हम और हमारा भविष्य-

Oct 18, 2021 | प्रेरनादाई कथा, हिंदी

Share

हम और हमारा भविष्य-

 

आज हम इस बात पर मनन करने वाले है कि हम और हमारा भविष्य…हम सब के नजदीकी विषय है..सच में हम सब हमारे भविष्य के बारे हमेशा सजग रहते है…इसलिए हम इसके ऊपर विस्तार से चर्चा करने का प्रयास करने वाले है..सर्वप्रथम यहाँ हम एक चीज बताते है की हम किसी भी चीज पर टीका करना नही है…हर एक शास्त्र उनकी जगह पर बराबर है ..अब हम बात करने वाले है वह है हम और हमारा भविष्य..समस्या नहीं ऐसा कोई इंसान नहीं.. और समस्या आयी कि बहोत से लोक भविष्य देखने का प्रयास करते है…यानी रोज कुछ कुछ समस्याएं आती है तो लोग तुंरत किसी के पास जाकर भविष्य देखते है..यानी कोई भी समस्या खुद प्रयास करने से पहले भविष्य जाकर पूछते है..सचमें हम यह योग्य कर रहे है क्या..हम समस्या आने के बाद जब किसीं से भविष्य पुछते तब बहोत से बार बताया जाते है की अमुक अमूक ग्रह..नक्षत्र.. या योग की वजह से आप को तकलीफ हो रही है..अभी पहली बात हमे इस बात पर बात करना आवश्यक हैं.. यहाँ हमे अपने आप से एक प्रश्न  पूछना है की हमारी किसी ईश्वर के ऊपर श्रद्धा है क्या ? जरूर हम सभी की किसी ईश्वर पर श्रद्धा होती है! लेकिन जब हमें समस्या आती है तो फिर हम क्यूँ  भविष्य के बारे जानने की कोशिश करते है… हमारी अगर किसी भी इष्ट देवता के ऊपर श्रद्धा है तो फिर क्यूँ  हम भविष्य की चिंता कर रहे है…हमारे मन को पहले तो हमें हमारे अंतर्मन तक यह चीज   पहुचानी है की मेरा कुछ भी अनिष्ट नहीं हो सकता क्यूँ  की ईश्वर हमारा अनिष्ट नहीं होने देगा… जब हम समस्या आने की बाद भविष्य जानते है तब बताया जाता है की अमुक… अमुक ग्रहों… नक्षत्रों  के वजह से हमें समस्या आ रही है… यहाँ हमारे मन में उस ग्रहों… नक्षत्रों   के बारे भय , निर्माण होता है …यहाँ एक विचार करने वाली चीज है की यह सब सृष्टि हमारी जिस ईश्वर के ऊपर श्रध्दा है उन्होंने यह सृष्टि निर्माण की .. ग्रहों… नक्षत्रों की निर्मिति की उस भगवान  की हम सेवा कर रहे है तो हमें उस ग्रहों… नक्षत्रों  से तकलीफ हो सकती है क्या ? हमें जो तकलीफ हो रही है सच में क्यूँ  हो रही है… यह समस्या देकर ईश्वर हमे कुछ सिखाने का प्रयास तो नहीं कर रहा है .. इस के ऊपर चिंतन करना जरुरी है…ग्रहों… नक्षत्रों वजह से हमको तकलीफ हो रही है यह हम थोड़ी देर के लिए मान लेते है लेकिन जब हम उस ग्रहो को हमारे समस्या के लिए  दोष देते है…  तो हम उसको दिल से प्रार्थना भी नहीं कर सकते है की समस्या दूर करने में मुझे मदत करो ..इससे क्या होता है हमारी समस्या दूर तो नहीं होती लेकिन वह समस्या बढ़ती है कभी कभी बताया जाता है की अमुक अमुक वयक्ति के वजह से आप को तकलीफ हो रही है… यह बात बहोत गलत लगती है… अगर किसी के वजह से किसी को तकलीफ होती है.. यह बात हमारे मन में जब घर करती है तो इससे समस्या मुक्त होने से पहले हमारे मन में दूसरी समस्या बन जाती है वह यह की हमे कुछ भी समस्या आती है तो हम दूसरों  को दोष देते है..सच में यह बहोत ही बुरी चीज है… अगर हम इसमें मनन चिंतन करेंगे तो हमारा हर समस्या का मूल हमारे विचारो में है ..हमारे जीवन जो भी कुछ आता है वह पहले कही तो हमने गलत प्रार्थना का फलस्वरूप होता है… लेकिन हम हमेशा दूसरों को दोष देते है… और समस्या और बढ़ जाती है.. यहाँ हम किसी भी चीज को गलत नहीं कह रहे है.. हर एक चीज सृष्टि में उसकी जगह पर ठीक ही है… लेकिन अगर हम हर एक समस्या में भविष्य के पीछे भागेंगे तो हम कभी भी सुखी नहीं हो सकते और हर एक समस्या में दूसरो  को दोष देते रहेंगे…हम कभी भी सुखी नहीं हो सकते… अगर हमें सचमे हमारा भविष्य बनाना है क्या ? यह प्रश्न खुद  से पूछो… क्या मेरा भविष्य जो दूसरा जो बतायेगा वही होगा क्या ? मेरा खुद के ऊपर विश्वास है क्या ? मेरा अगर खुद पर विश्वास नहीं होगा तो में मेरा भविष्य कैसे बना सकता हु.. अगर मुझे अच्छा भविष्य चाहिए तो… पहले मुझे खुद  के ऊपर विश्वास होना जरुरी है… जब में खुद के ऊपर विश्वास रखूँगा तभी तो ईश्वर मुझे साथ दे सकता है… आज से में हर एक समस्या को ईश्वर का उपहार समझ कर उस पर कार्य करूँगा… क्यूंकि में ईश्वर की संतान हूँ… मेरे माता-पिता  का आशीर्वाद मेरे साथ है…ईश्वर मुझे समस्या देकर मुझे मेरे ऊपर काम करने का अवसर दे रहा है…ईश्वर के इस कार्य में बाधा  न बनते हुवे .. उस समस्या के ऊपर खुद चिंतन मनन करके… मेरा भविष्य के ऊपर खुद काम करूँगा..ईश्वर के ऊपर मुझे पूर्ण भरोसा है जो भी होगा वह अच्छा  ही होगा..में आज का कर्म सच्चे दिल से करूँगा..भविष्य की चिंता नहीं..मेरे हर कर्म के ऊपर चिंतन करूँगा….भविष्य तो तो आनंदमय ही है… धन्यवाद स्वामी…धन्यवाद ईश्वर

आपको लेख कैसा लगा जरूर मेल करके बताए …. किसी को गलत या सही  ठहराना उद्देश्य नहीं है हमें खुद पे काम करना है.

 

 


Share
और पढिये !!

श्री गजानन चरित्र दर्शन 15 – संदर्भ – श्री गजानन विजय अध्याय 4

शेगांवच्या दक्षिण दिशेला चिंचोली नावाचे गाव आहे. त्या गावात माधव नावाचे एक ब्राम्हण राहत होते. त्यांचे वय साधारण ६० पेक्षा जास्त होते. त्यांनी आपलें संपूर्ण आयुष्य हे संसार म्हणजे सर्वस्व या साठी खर्ची केले होते. आपल्या भविष्यात काय लिहून ठेवले आहे हे कुणासच माहित...

श्री गजानन चरित्र दर्शन 14 – संदर्भ – श्री गजानन विजय अध्याय 4

उन्हाळ्याचे दिवस होते... श्री गजानन महाराज अनेक भक्त मंडळी सोबत बसले होते...त्या भक्त मंडळी मध्ये श्री चंदूमुकीम नावाचा एक भक्त होता... तो भक्ती भावाने सेवा रुजू करत होता... आंब्याचे दिवस होते... त्यामुळे महाराजांसाठी श्री चंदूमुकीम आंबे आणले होते... महाराजांनी एक दोन...

श्री गजानन चरित्र दर्शन 13 – संदर्भ – श्री गजानन विजय अध्याय 4

आपण श्री गजानन चरित्र दर्शन १२ मध्ये पहिले कि श्री महाराजांनी वीणा अग्नी चिलीम प्रज्वलित केली.... खरंतर चिलीम पेटवण्यासाठी श्री जानकी राम यांच्या कडे मुले अग्नी आणण्यासाठी गेली होती... परंतु श्री जानकी राम यांनी अग्नी तर दिला नाहीच... पण उलट श्री महाराजां बद्दल...

श्री गजानन महाराज दर्शन लीला 6 – मराठी

खूप सारे लोक श्री गोविंद बुवांचे किर्तन ऐकण्यासाठी आले होते त्यामध्ये श्री गजानन महाराज पण कडू लिंबाच्या निंबाच्या झाडा जवळ बसून किर्तन ऐकत होते श्री गोविंद बुवांनी किर्तनासाठी श्री  भागवतातील एकादश स्कंध मधील हंस गीता याचा श्लोक किर्तन सेवेसाठी घेतला होता... बुवांनी...

यत्न शिकवण – श्री समर्थ रामदास स्वामी – श्री दासबोध दशक १२ समास ९

यत्न शिकवण - श्री समर्थ रामदास स्वामी - श्री दासबोध दशक १२ समास ९ प्रत्येक संतांनी कर्माला महत्व दिले... असा कोणतेही संत नाहीत कि त्यांनी कर्म सोडून...दे रे हरी पलंगावरी... असे कोणत्याच संतांनी सांगितले नाही... कारण प्रत्येक संत हे कर्म प्रधानच होते... कर्म न करणारे...

श्री गजानन चरित्र दर्शन 12 – संदर्भ – श्री गजानन विजय अध्याय 4

श्री गजानन महाराज बंकटलाल यांच्या घरी राहत होते.. एकेदिवशी एक प्रकार घडला तो दिवस होता... वैशाख शुद्ध तृतीयेचा दिवस होता... म्हणजेच अक्षय तृतीया चा दिवस होता... म्हणजेच या दिवशी आपण पितृ पूजन करतो तो दिवस... साडेतीन मुहूर्ता पैकी एक मुहूर्त..त्या दिवशी श्री...

मी डॉक्टर सिंधुताई सपकाळ बोलतेय – एक प्रेरणा

बाळांनो... मी डॉक्टर सिंधुताई सपकाळ बोलतेय... हो तुमची माई बोलतेय... बेटा दचकू नकोस...मी तर अनंतात विलीन झाले... हि बातमी जेव्हा सोशल मीडिया मार्फत तुझ्या पर्यंत पोहोचली तेव्हा... सोशल मीडिया द्वारे तू जी श्रद्धांजली... भावांजली वाहिलीस त्या बद्दल खूप खूप धन्यवाद......

जसे कर्म तसे फळ आज नाही तर उद्या नक्की मिळतेच- श्री गजानन चरित्र दर्शन 11 – संदर्भ – श्री गजानन विजय अध्याय ३

जसे कर्म तसे फळ आज नाही तर उद्या नक्की मिळतेच श्री विठोबा घाटोळ यांना पूर्व पुण्याई ने श्री गजानन महाराजांच्या सेवेची संधी त्यांना मिळाली होती पण म्हणतात ना पुण्य करण्यासाठी पुण्य गाठी असावे लागते... श्री विठोबा घाटोळ यांना श्री महाराजांच्या सेवेची खूप छान अशी संधी...

श्री गजानन चरित्र दर्शन 10 – संदर्भ – श्री गजानन विजय अध्याय ३

https://youtu.be/56bS3EN9F-w   श्री गजानन चरित्र दर्शन 10 - संदर्भ - श्री गजानन विजय अध्याय ३ भक्ती रुपी चरणतीर्थचा महिमा श्री जानराव देशमुख हे शेगांव मध्ये राहत होते...ते शेगाव मध्ये प्रसिद्ध व्यक्ती होते... घरात संपत्तीची काहीच कमतरता नव्हती..अचानकपणे त्यांची...

नामस्मरण भक्ति – नवविधा भक्ति – श्री समर्थ रामदास स्वामी

नवविधा भक्ती चा तिसरा प्रकार नामस्मरण भक्ति या भक्ती विषयी श्रीमत दासबोध ग्रंथात सांगतात ” स्मरण देवाचे करावें | अखंड नाम जपत जावें | नामस्मरणें पावावें | समाधान | नित्य नेम प्रातः काळी | माध्यानकाळी सायंकाळी | नामस्मरण सर्वकाळी करत जावें | नामस्मरण भक्ति हि खूपच...