गजानन महाराज चरित्र दर्शन 4

Oct 7, 2021 | संत गजानन महाराज, हिंदी

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श्री गजानन महाराज जी के दर्शन क प्यास जगी श्री बंकटलाल जी के मन में

 

श्री गजानना चरित्र दर्शन ४ – श्री बंकटलाल जी को पूर्ण विश्वास था की श्री गजानन महाराज जी ब्रम्हांड नायक है… अब उनके मन में श्री दर्शन की प्यास जग गई थी… उनको भूख प्यास मीट  गई थी… उनकी आँखे अब सिर्फ श्री महाराज के दर्शन  की राह  देख रही थी… उनको सब तरफ श्री महाराज ही है ऐसा लगने लगा था… उनके चित्त की यह स्थिति वे किसी को बता बह नहीं सकते थे… उनके हाव भाव देख कर उनके पिताजी ने उसे पूछा बेटा  क्या हुवा कुछ चिंता है क्या? तुम्हारी प्रकृति तो ठीक है ना… उन्होंने पिताजी को सब कुछ ठीक है यह बताया..लेकिन उनकी खोज शुरू ही थी… उनके घर के पास श्री रामाजी पंत  देशमुख नाम एक व्यस्क सद्गृहस्थ रहते थे… वे बुजुर्ग थे… उनको श्री बंकटलाल जी ने श्री महाराज के बारे में बताया तब उन्होंने बंकटलाल की बाते  सुनकर कहाँ  वे जरूर बड़े संत महात्मा होंगे…इस तरह ४ दिन  गए… श्री बंकटलाल के मन में वही शुरू था… उन्हीं  दिन गांव में श्री गोविन्द बुवा टाकलीकर जो बहोत बड़े कीर्तनकार थे उनका कीर्तन था ..उनके कीर्तन के लिए बंकटलाल गया वहा पर उनके दोस्त पीताम्बर भी आया था… वो दोनों की वहाँ  मुलाखत हो गई… तब बंकटलाल ने उन्हें श्री गजानन महाराज के बारे  में बताया..उसी वक्त उन्हें श्री महाराज का दर्शन हो गया फिर क्या उनकी दर्शन की इच्छा पूर्ण हो गयी… बोलो गजानन महाराज की जय !!

उपरोक्त लीला का बोध तो भक्ति की परमोच्च अवस्था का हमारे लिए एक पाठ है… देखो ना श्री बंकटलाल जी का विश्वास इतना गहरा था की एक ही मुलाखत में उन्होंने  श्री महाराज पर श्रद्धा बैठ गई…उनको श्री महाराज के दर्शन की प्यास इतनी गहरी  थी की उनको ४ ही दिन में फिर से श्री महाराज का दर्शन हो गया…यहाँ और एक बात हमें बोध हो रहे है श्री बंकटलाल जी से वो यह की.. पिताजी का आदर करने का.. देखो उनके पिताजी ने उनसे पूछा था  की क्या कुछ समस्या है क्या ? लेकिन बंकटलाला ने उनको तकलीफ न हो…उस तरह आदर पूर्वक उनको बताया की कुछ भी समस्या नहीं है… उसके बाद उन्होंने श्री गोविन्द बुवा  को यह सब बात बताई तो उन्होंने भी उन्हें सकारात्म भाव से कहाँ  के वे जरुर कोई महापुरुष ही होंगे यह बात सुनकर उनकी श्रद्धा बढ़ी…इस सबके बीच में उन्होंने बहोत सी प्रार्थना ये  की होंगी और इसका परिणाम यह हुवा की उनको श्री ब्रम्हांड नायक गजानन दर्शन प्राप्त हुवा बोलो श्री गजानन महाराज की जय!!

प्रार्थना – है ब्रम्हांडनायका।आज आपने हमें आज के लीला के माध्यम से जो श्रद्धा..भक्ति..और विश्वास का पाठ सिखाया उसके लिए धन्यवाद..इतना श्रद्धा..भक्ति..और विश्वास हमारे मन में जगावो जिस से आपके लीलावो का अर्थ हम समझ आपके कृपा पात्री हम बने… यह प्रार्थना करवा के लेने के लिए धन्यवाद… कोटि कोटि धन्यवाद !

 


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