स्मार्ट फ़ोन या सेल्फी फ़ोन

Oct 10, 2021 | प्रेरनादाई कथा, हिंदी

Share

स्मार्ट फोन से हम  स्मार्ट बन गए.. सच  में स्मार्ट फ़ोन की वजह हम अनेक यादे फोन में चित्रित कर सकते है… यह हमें मिला हुवा वरदान ही है… क्यूंकि १५ साल पहले फोटो निकले के लिए  हमें फोटो स्टुडिओ जाना पड़ता था… आज हम जहाँ जायेंगे वहाँ फोटो निकाल सकते है.. वो फोटो निकालने के लिए किसी आदमी की भी जरूरत नहीं..इतना स्मार्ट हमारा फ़ोन बन गया…लेकिन सच में हम स्मार्ट बन गए है या मंद हो गए है.. फोटो कहाँ  निकालने का यह बात का ख्याल भी हमारे मन में नहीं आता… रोड पर एक्सीडेंट हुवा हो… उस आदमी को मदत करने का छोड़ कर लोग उस मोबाइल से फोटो निकालते है… विडिओ शूटिंग करते है और एक दूसरे को भेजते…हम तो कहते है जो  ये काम करता है उसको जिम्मेदार मानना चाहिए…कुछ लोग तो सेल्फी के इतने मोहताज है की किधर भी  खड़े होकर सेल्फी  निकालते है… वो लोग यह भी नहीं देखते की यह जगह सेल्फी निकालने के लिए  सुरक्षित भी है की नहीं…आज हम इतनी घटनाएं सुनते है की सेल्फी की वजह से अपनी जान खोई है… फिर भी लोग कही भी सेल्फी निकालते है… फोटो निकालने  से पहले चेहरा तो गभीर होता है जैसे सारी दुनिया का भार इसपर…सेल्फी में तो इस तरह हँसता है जैसे सदैव हसमुख हो…यानी हँसता भी कृत्रिम है… किसी धार्मिक स्थल पर जाने के बाद कुछ लोग तो इस तरह से फोटो सेशन करते है जैसे लोगों को दिखाने की लिए  वहाँ  गए हो… भगवान् को नमस्कार करते हुवे फोटो निकालते है और सोशल साइट्स पर डालते है… लोग भी जुठ मुठ के लाइक्स और कमैंट्स देते है… यानी भगवान् की पूजा भी दिखावटी करते है… ये तो हुवा फोटो का… कुछ लोग तो गाडी चलाते ..चलाते फोटो लेते है.. विडिओ निकालते है.. फोन पर बात करते  करते गाडी चलाते है .. कुछ लोग तो मुंडी टेढ़ी कर करके फोन पर बात करते करते गाडी चलाते है.. जैसे लाखो करोडो की बात हो.. अरे ये लोग खुद तो अपनी जान जोखिम में डालते ही है लेकिन दुसरो की जान भी जखिम में डालते है.. जरा सोचो सचमे हम स्मार्ट फ़ोन से स्मार्ट हुवे है या स्मार्ट फ़ोन क वजह से पागल हो गए है.. अगर आप यह पागल पन नहीं करते होंगे तो बहोत बढ़िया बात है.. अगर आपसे यह गलती होती है.. तो जरूर इसके ऊपर चिंतन मनन करो.. और खुद में बदलाव लावो  उसी तरह यह आपको सचमे कुछ सच्चाई लगती है तो जरूर हमारा चॅनेल सब्सक्राइब कीजिये और अपने मित्रों  के साथ जरूर शेयर कीजिये


Share
और पढिये !!

श्री शिवमहापुराण १

श्री शिवमहापुराण १ - आज आपण प्रत्येक जण ऐकतो कि शिव महा पुराण श्रवण केले पाहिजे पण काळा नुसार आपणास ते शक्य होत नाही. पण मग आपण एक छोटासा पर्यन्त करत आहोत.. थोडक्यात कथा श्रवण करण्याचा प्रयत्न करूया.. यात सर्व काही येईल असे नाही पण आपली भक्ती नक्कीच वाढेल अशी...

अरे नीलकंठा..उठ उठ !! आमच्या बरोबर दोन शब्द बोल!! संदर्भ स्वामी वाणी ३

कृष्णाप्पा हा चोळाप्पाचा मुलगा होता..त्यास महामारी रोग होऊन त्याचा मृत्यू झाला..तेव्हा घरातील सर्व मंडळी आक्रोशाने रडू लागली..तितक्यात स्वामी महाराज तेथे आले आणि बोलले “रडू नका ह्याचे लग्न व्हायचे आहे अजून .. अरे नीलकंठा..उठ उठ !! आमच्या बरोबर दोन शब्द बोल!! “ आणि...

अरे! रिसालदार माझ्या ताटाला हात लाव !! तूझ्या हाताने जेवणाला चव येईल ! संदर्भ स्वामी वाणी २

स्वामी भक्त हो...स्वामी सेवा करत असताना..आपल्याला मनात अनेक प्रश्न असतात...मी स्वामी सेवा करतो..मग स्वामी मलाच कृपा करतील..समोरची व्यक्ती इतर कोणती उपासना करत असेल तर कृपा होणार नाही..पण स्वामी परब्रम्ह आहे...त्याच्या साठी सर्वच समान...पहा स्वामी प्रथम अक्कलकोट मध्ये...

“ अरे ,भितोस कशाला ,तुझे भाग्य उजळले, तुझी इच्छा पूर्ण होई पर्यंत हवे तितके घे !! ” संदर्भ स्वामी वाणी भाग १

स्वामी भक्ती हो जेव्हाही आपल्या जीवनात संकट येते तेव्हा आपणस असे वाटते कि माझ्या जीवनात इतके संकट का किंवा आपण हताश होतो.. पण खरंतर जेव्हा आपल्या जीवनात संकट येते तेव्हा स्वामी आपल्याला काहीं तरी चांगले देणार असतात.. पण आपले मन मात्र नेहमी नकारात्मक विचार करते आणि जे...