डॉक्टर – विट्ठल व्यंकटेश कामत – इडली से लेकर ऑर्चिड तक
नमस्कार आज हम डॉक्टर – विट्ठल व्यंकटेश कामत जी की कहानी से प्रेरणा लेने वाले है।
विट्ठल कामत ये नाम आपने सभी सुना होगा या उनके होटल में खाना भी खाया होगा । आज जगत में सबसे बड़े होटल है इनके | सचमे में क्या ये एक रात में हुवा क्या? उन्होने क्या किया होगा इसके लिए ? आज इसके लिया हम उनके जीवन की घटना पढ़ते है… यह घटना हमको प्रेरणा देगी। वैसे तो उनका पूरा जीवन ही प्रेरणा दाई है ! जब उनकी उम्र १८ साल की थी तब वे लंडन जाने के बारे में उन्होंने अपने पिताजी से कहा मुझे सिर्फ जाने की लिए टिकिट दीजिये | पिताजी बोले लेकिन तुम वापिस कैसे आवोगे। तब वो बोले मै उधर जाकर कुछ करूँगा | इस तरह से वो लंडन के लिए रवाना हो गए| उधर जाने के बाद उन्होंने रहने के लिए भारतीय होटल का चयन किया | उधर जाकर उन्होंने खाने के लिए इडली मंगाई | वो इडली इस तरह की थी वो जैसे च्विंगम हो | उस वक्त उन्होंने उस होटल के मालिक को बोले | इससे अच्छी में आपको इडली बना के दे सकता हु| वो बताते है की इससे पहले उन्होंने कभी इडली बनाई नहीं थी लेकिन जब उनकी माँ घर में इडली करती तो वो यह सब खुली आँख से देखते थे | उन्होंने इडली बनाने कि सारी तैयारी की उसक वक्त वहाँ एक लेडी आयी और उसने उनसे पूछा की आपको ईस्ट चाहिए क्या ? इन्होने बोल दिया मुझे ईस्ट नहीं चाहिए| तब वो लेडी बोली आप यहाँ का जो भी ठंड मौसम है इसमें आप ईस्ट के बिना इडली नहीं बना सकते | तब उन्होने ईस्ट के सिवाय इडली बनाई और वो ऐसी थी की कपास की तरह थी | यह सब देखकर सभी अचंबित हो गए | और उसी वक्त विट्ठल कामत उनको बोले की आठ दिन में आपको यह सब कुछ सीखा सकता हूँ अगर आप मुझे ५० पौंड देंगे | और इस तरह उन्होंने सिर्फ ४५ घंटे में उन्होंने लंडन में ५० पौंड कमाए | इस तरह एक इडली वाले से लेकर आज ऑर्चिड होटल तक की यात्रा | जग में आज सबसे बड़ी होटल की चेन उनकी है | उपरोक्त सच कहानी है | जो हमे सीखती है की हमें हमेशा हमारी आँखे और कान खुले रखनी चाहिए | तभी हम एक यशस्वी उद्योजक बन सकते है | उनका तो संपूर्ण जीवन यात्रा प्रेरणा देने वाली है लेकिन यहाँ एक बात भी हमें प्रेरणा देती है वह हमें लेनी है |
विट्ठल कामत जी के प्रेरणात्मक विचार
१) अपने पसीने को इत्र बनावो |
२) खरीदार कितना भी बड़ो हो लेकिन तुम खुद कभी बेचो |
3) आने वाले हर एक ग्राहक भगवान् ही होता है |